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जेओ मोक्षे ज गया छे, तेमना अन्य धर्मना मंदिरमां दर्शन करवा केम न जवाय ?
प्रश्न: जेओ मोक्षे ज गया छे, तेमना अन्य धर्मना मंदिरमां दर्शन करवा केम न जवाय ? उत्तर : निश्चयनयथी जे वंदनीय होय, ते बधा व्यवहारथी वंदनीय नथी बनता. भरत चक्रवर्ती गृहस्थवेशमां केवळज्ञान पाम्या, एटले तेरमा गुणस्थानके पहोंची गया. निश्चयनयथी तो वंदनीय हता ज. पण ज्यां सुधी साधुवेश ग्रहण न कर्यो, त्यां सुधी व्यवहारथी वंदनीय नथी बन्या. साधुवेश लीधा पछी ज इन्द्रए तेमने वंदन कर्या छे. जेओ मोक्षे गया छे, ते निश्चयनयथी पूज्य छे - वंदनीय छे, पण व्यवहारथी तो साधु तरीकेनी के सिद्ध तरीकेनी
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