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समिति–गुप्ति...
Download PDF समितिगुप्तीनां महाव्रतरूपत्वेन.. (उपदेश पद – ६०२ टीका) प्रश्न : महाव्रतो मूळगुण रूप छे, समिति-गुप्ति तो उत्तरगुणरूप छे. तो समिति-गुप्तिने महाव्रतरूप शी रीते कहेवाय ? उत्तर : आनुं समाधान आवुं संभवे छे 🡺 महाव्रतो बधा अभाव रूप छे – त्याग रूप छे.. हिंसानो त्याग, मृषानो त्याग.. यावत् परिग्रहनो त्याग. त्यागनी परिणति होई शके. अने ए परिणति ज महाव्रत छे – मन-वचन-कायाथी हिंसादि करवा-कराववा- अनुमोदवा नहीं. त्यागनी प्रवृत्ति शुं
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