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भुवनभानुसू. म.सा...
Download આ લેખ આપ ગુજરાતીમાં પણ વાંચી શકો છો किसी द्वारा भेंट की गई नई 'हीरो' फाउंटेन पेन के सुनहरे ढक्कन को वे नवदीक्षित साधु भगवंत बार-बार देख रहे थे... उनके गुरु भगवंत ने यह देखा और उन्हें बुलाया। पेन ले ली। फिर एक अन्य साधु को बुलाकर कहा – ‘इस पेन पर पात्र को रंगने वाला काला रंग चढ़ाकर इन्हें वापस दे दो... ताकि इस पर इनका राग न हो!’ वे गुरु थे - पू. पं. भानुविजयजी म.सा., जो बाद में न्यायविशारद वर्धमान तपोनिधि पू. आ. श्री भुवनभानुसूरिजी म.सा. के रूप में प्रसिद्ध हुए यह घटन
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