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प्रतिज्ञा लईए तो अजाणता के भूली जवाथी भांगी जाय छे तो शुं करवुं ?
प्रश्न : प्रतिज्ञा लईए तो अजाणता के भूली जवाथी भांगी जाय छे तो शुं करवुं ? उत्तर : प्रतिज्ञा न लो, एटले अविरतिनुं पाप तो ऊभुं ज रहे. वळी नियम न होय, तो प्रलोभन आवे त्यारे लपसी जवानी शक्यता घणी वधारे छे. प्रतिज्ञा लेवाथी अविरतिनुं पाप तो टळे ज; दृढता पण आवे, सामान्य प्रलोभनमां फसावाय नहीं. एटले प्रतिज्ञा लेवामां लाभ ज छे. जेने ‘प्रतिज्ञा पाळवी ज छे’ एवी ईच्छा छे, तेवो पुरुषार्थ छे, याद राखवा मांगे छे, काळजी करे छे.. तेने अजाणता भंग थाय के क्यारेक भूली जवाथी भंग थाय - ते पाप बह
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