आयंबिलमां मगनी दाळनुं पाणी खपे ?

प्रश्न : आयंबिलमां मगनी दाळनुं पाणी खपे ?
उत्तर :
काचा पाणीमां मगनी दाळ पलाळवामां आवे, तो पण ४८ मिनिटमां ते अचित्त थइ जाय. एटले पाणीनी सचीत्ततानो तो प्रश्न रहेतो नथी.
प्रश्न मगनी दाळमां फणगा फूटी जवानो छे. फणगावेल कठोळ, अनंतकाय होवाथी अभक्ष्य छे. ते छूटावाळाने पण न खपे, तो आयंबिलमां खपवानो प्रश्न ज क्यां रहे ?
अनुभवीओ एम कहे छे के फोतरावाळी (लीली) मगनी दाळ पलाळी होय, तो फणगो फूटवा संभव रहे छे. फोतरा वगरनी (पीळी) मगनी दाळ पलाळी होय, तो फणगो फूटतो नथी. तेनुं कारण ए छे के मगना जे अंशमां फणगो फूटे छे, ते अंश, फोतरा साथे नीकळी जाय छे. जो आ वात साची होय, तो फोतरा वगरनी पीळी मगनी दाळ पलाळीने बनावेल पाणी अभक्ष्य थवानो प्रश्न रहेतो नथी.
फोतरावाळी मगनी दाळ अने मगमां फणगा फूटी गया होय - तेवो अमने जात-अनुभव थयेलो छे. वधु समय पलाळी रखाय, तो मग (के फोतरावाळी मगनी दाळ) मां फणगा फूटे ज – ए निःशंक छे.
हमणां एवो पण अनुभव थयो छे के अडधो कलाक पलाळेला मगमां पण फणगा फूटी गया होय. तेना विशे तपास करतां एवुं जोवा मळ्युं के कोरा मगमां ज फणगा जेवो सफेद भाग बहार देखातो हतो, जे पलाळ्या पछी फूले छे – मोटो थाय छे. मग बदलीने बीजा लीधा पछी, फणगा फूटवाना बंध थाय – तेवो पण अनुभव थयो.
एटले, मग (के फोतरावाळी मगनी दाळ) जोई-तपासीने लेवा, के जेमां पहेलेथी फणगा न होय... अने पलाळ्या–रांध्या पछी चेक करवुं के फणगा फूट्या नथी – ए जरूरी छे.
Article written by P.P. Bhavyasundar Vijayji Maharaj Saheb.

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