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साची शुभ परिणति कोने कहेवाय ?....

  • 2 days ago
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શું થાળી ધોઈને પીવાથી આયંબિલ જેટલું પુણ્ય મળે? પૂજ્ય ભવ્યસુંદરસૂરીશ્વરજી મહારાજ સાહેબ સમજાવે છે 'થાળી ધોઈને પીવા' પાછળનું સાચું शास्त्रवचन અને હિંસાથી બચવાનો લાભ


जे परिणतिना मूळमां (सामग्रीमां सुख छे” एवी बुद्धि छे, ते परिणति अशुभ छे. जेम के पैसा कमावानी वृत्ति.


जे परिणतिना मूळमां “गुणमां सुख छे” एवी बुद्धि छे, ते परिणति शुभ छे.


देखीती रीते शुभ लागती जीवदया-पालन वगेरेनी परिणति पण, जो तेना द्रारा देवलोक मेळवीने,

सामग्रीना सुखो मेळववानी इच्छामांथी ज उत्पन्न थई होय, तो हकीकतमां अशुभ छे.

जे अभव्य जीवोने चारित्रना पालन वखते होय छे.



Extract from Book Adhyatma Marg written by P.P. Bhavyasundar Vijayji Maharaj Saheb.


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