कार्यकरनी मर्यादा स्वीकारो....
- Jul 11
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कोई व्यक्ति संपूर्ण नथी. दरेकनी मर्यादाओ छे.
कोई उदार न होय, कोई करकसरवाळो न होय, कोई आराधक न होय, कोई श्रीमंत न होय.. संपूर्ण गुणोनी अपेक्षा कदी कोइमां राखी शकाय नहीं.
आपणां पगारदार नोकरोनी पण खामीओ चलावी लेवी पडती होय,
तो सेवा करनारना स्वभाव वि.नी मर्यादाओ चलावी ज लेवी पडे-जोईए.
जे व्यक्ति विना चाले तेम न होय, ते व्यक्तिना स्वभाव वि. मर्यादाओ चलावी ज लेवी पडे.
Extract from Book Sanstha Management written by P.P. Bhavyasundar Vijayji Maharaj Saheb.
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